फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी' को लेकर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म निर्माताओं के बीच कानूनी जंग तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता अमित जानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। निर्माताओं ने अदालत से गुहार लगाई है कि सलमान खान द्वारा फिल्म की रिलीज रोकने के लिए दायर किए जा रहे अलग-अलग मुकदमों की समानांतर कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
निर्माताओं की दलील: एक ही मुद्दे पर दो समानांतर केस नहीं चल सकते
न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ के समक्ष निर्माता अमित जानी की ओर से दलील दी गई कि सलमान खान इसी विषय पर पहले भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं।
- दोनों मामले एक ही फिल्म, उसकी प्रचार सामग्री और अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) से जुड़े हैं।
- एक ही विवाद पर दो अलग-अलग मुकदमे चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
- अदालत ने इन तर्कों का संज्ञान लेते हुए सलमान खान से जवाब मांगा है।
विवाद के प्रमुख बिंदु: कब क्या हुआ?
- पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन: सलमान खान ने पूर्व में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, चेहरे, आवाज या पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल न किया जाए। 11 दिसंबर 2025 को अदालत ने उनके पक्ष में अंतरिम राहत दी थी।
- टीजर हटाने का आदेश: अभिनेता की शिकायत पर अदालत ने 27 जुलाई को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से फिल्म का टीजर और प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था।
- निर्माताओं का रुख: अमित जानी का कहना है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार ही नहीं है। इसे न तो केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाण पत्र मिला है और न ही आधिकारिक ट्रेलर जारी हुआ है, ऐसे में रिलीज पर पहले से रोक की मांग समय से पहले है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निर्माता, जान का खतरा भी बताया
हाईकोर्ट द्वारा टीजर हटाने के आदेश के खिलाफ अमित जानी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) में उन्होंने कहा:
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार: सार्वजनिक रिकॉर्ड और अदालती फैसलों पर आधारित ऐतिहासिक घटनाओं पर किसी एक व्यक्ति का एकाधिकार नहीं हो सकता।
- सुनवाई का पूरा मौका नहीं मिला: हाईकोर्ट ने उनका पक्ष पूरी तरह सुने बिना ही रोक लगाने का निर्देश दे दिया।
- धमकियों का आरोप: निर्माता ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्हें और उनके परिवार को संगठित आपराधिक गिरोहों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और प्रोजेक्ट बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है।
1998 का शिकार मामला और सलमान का पक्ष
विवाद की जड़ 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान राजस्थान के जोधपुर में हुए काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी है।
सलमान खान के विधिक दल का तर्क है कि इस प्रकरण से जुड़े चार मुकदमों में से तीन में वे बरी हो चुके हैं, जबकि एक मामले में सुनाई गई सजा के खिलाफ अपील राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सलमान के पक्ष के मुताबिक, मामला विचाराधीन होने के दौरान ऐसी फिल्म का निर्माण और प्रदर्शन जनता व संबंधित समुदाय को प्रभावित कर सकता है, जिससे उनके निष्पक्ष सुनवाई (फेयर ट्रायल) के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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